Mar 05, 2026

उत्तराखंड में गर्मी का यू-टर्न: पहाड़ों में भी पंखे चलने की नौबत, मार्च के शुरुआती दिनों में असामान्य मौसमी बदलाव

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देहरादून। उत्तराखंड में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मैदान से लेकर पहाड़ तक तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है, जिसके चलते तापमान में छह से सात डिग्री तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि सात मार्च से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में छह मार्च तक मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। इस दौरान धूप खिलने से दिन के तापमान में लगातार वृद्धि होगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि साफ आसमान और बारिश की कमी के कारण तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है। वहीं सात मार्च के आसपास पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पर्वतीय इलाकों में बादल छाने और हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना बन सकती है।

राजधानी देहरादून में भी मार्च के शुरुआती दिनों में ही गर्मी का असर साफ नजर आने लगा है। बीते रविवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग छह डिग्री अधिक है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले दस वर्षों में मार्च की शुरुआत में इतना अधिक तापमान पहले कभी दर्ज नहीं किया गया। यदि पिछले वर्षों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो मार्च के महीने में अधिकतम तापमान सामान्य तौर पर महीने के अंतिम सप्ताह में बढ़ता है। उदाहरण के तौर पर वर्ष 2025 में 26 मार्च को अधिकतम तापमान 29.0 डिग्री दर्ज किया गया था, जबकि 2024 में 29 मार्च को 27.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ था। वर्ष 2023 में 21 मार्च को 29.8 डिग्री, 2022 में 28 मार्च को 25.7 डिग्री और 2020 में 13 मार्च को 29.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था।

वर्ष 2021 में 26 मार्च को देहरादून का अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो अब तक का ऑलटाइम रिकॉर्ड माना जाता है। इसके अलावा 2018 में 23 मार्च को 29.5 डिग्री, 2017 में 28 मार्च को 28.4 डिग्री और 2016 में 20 मार्च को 28.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस बार मार्च के शुरुआती दिनों में ही तापमान तेजी से बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि तापमान में इस तरह की असामान्य बढ़ोतरी के पीछे जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदले हुए पैटर्न की बड़ी भूमिका है। इसके अलावा जनवरी और फरवरी में सामान्य से कम बारिश होने के कारण भी जमीन में नमी की कमी हो गई है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के शुरुआती दिनों में ही जिस तरह से गर्मी बढ़ रही है, उससे यह संकेत मिल रहा है कि इस वर्ष मार्च का महीना नए तापमान रिकॉर्ड भी बना सकता है। यदि आने वाले दिनों में भी मौसम शुष्क बना रहा तो दिन के तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बढ़ती गर्मी के बीच दिन के समय धूप से बचाव करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। वहीं किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए अपनी फसलों की देखभाल करने की सलाह दी गई है।