चमोली। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। चमोली जिले के दूरस्थ विकासखंड देवाल से गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाले सड़क हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ कुंनार-गेस मोटर मार्ग पर सवारियों से भरा एक बोलेरो वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और गहरी खाई में लुढ़कते हुए सीधे उफनती कैल नदी में जा गिरा। इस भीषण दुर्घटना में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि एक महिला और बच्चे समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वाहन में कुल सात लोग सवार थे।
जानकारी के अनुसार, हादसा कुंनार के समीप हुआ। बताया जा रहा है कि तीखे मोड़ पर अचानक चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया। नियंत्रण खोते ही तेज रफ्तार वाहन पहाड़ी से नीचे गहरी खाई की ओर पैसेंजरों सहित लुढ़क गया और सीधे नीचे बह रही कैल नदी के तेज बहाव में जा समाया। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे की तेज आवाज और पीड़ितों की चीखें सुनकर आसपास के स्थानीय ग्रामीण बिना एक पल गंवाए देवदूत बनकर घटनास्थल की ओर दौड़े और अपने स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। इस बेहद खौफनाक हादसे में एक राहत भरी और चमत्कारिक बात यह रही कि दुर्घटना के शुरुआती दौर में ही एक महिला और एक बच्चा वाहन के पलटने के दौरान उससे छिटककर बाहर सुरक्षित सूखी जमीन पर गिर गए। हालांकि, ऊंचाई से गिरने के कारण दोनों को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन उनकी जान बच गई। स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए इन दोनों समेत कुल तीन घायलों को तुरंत खाई से बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने में जुटी है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन की टीमें और राहत-बचाव दल आपदा राहत उपकरणों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों और रेस्क्यू टीमों के संयुक्त और कड़े प्रयासों के बाद नदी के तेज बहाव के बीच से अब तक चार शवों को बाहर निकाला जा चुका है। स्थानीय जनप्रतिनिधि महावीर बिष्ट ने बताया कि जिन ग्रामीणों ने वाहन को पहाड़ी से नीचे गिरते हुए देखा था, उनकी निशानदेही पर नदी के किनारे-किनारे काफी दूर तक खोजबीन की गई। चार शवों और तीन घायलों की बरामदगी के बाद भी एहतियात के तौर पर नदी के तेज बहाव के आसपास एक व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और बहाव में न फंसा हो।