Jun 11, 2026

उत्तराखंड के बच्चों का संपूर्ण डेटा होगा डिजिटल, मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने की तैयारी

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देहरादून। उत्तराखंड सरकार प्रदेश के बच्चों के सुरक्षित भविष्य, बेहतर स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। अब राज्य में पैदा होने वाले हर बच्चे की जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों की मुस्तैदी से डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक लेते हुए अधिकारियों को इसके लिए जल्द से जल्द एक 'सिंगल प्लेटफॉर्म' (एकीकृत डिजिटल सिस्टम) तैयार करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

इस नई व्यवस्था के लागू होने से न सिर्फ सरकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर मिलेगा, बल्कि बच्चों के विकास की हर छोटी-बड़ी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने विद्यार्थियों की ट्रैकिंग और मैपिंग पर बुलाई गई इस अहम बैठक में योजना का पूरा खाका खींचा। उन्होंने बताया कि यह सिंगल प्लेटफॉर्म बच्चे के जन्म के समय से ही सक्रिय हो जाएगा। इसमें बच्चे के जन्म से लेकर उसके संपूर्ण टीकाकरण (वैक्सीनेशन) का पूरा डेटा संकलित रहेगा। बच्चा कब आंगनबाड़ी पहुंचा और उसने किस विद्यालय में प्रवेश (एडमिशन) लिया, इसकी पल-पल की जानकारी सिस्टम में दर्ज होगी। छात्र की कक्षावार शैक्षिक उपलब्धियों और प्रोग्रेस रिपोर्ट का पूरा विवरण भी इसी प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेगा। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसका ऑटोमेटेड (स्वचालित) होना है। यह आधुनिक सिस्टम बच्चों के माता-पिता या अभिभावकों को सीधे उनके मोबाइल पर खुद एसएमएस भेजेगा। जैसे ही बच्चा किसी विशेष टीके (टीकाकरण) के लिए योग्य होगा या उसकी स्कूल में दाखिले की उम्र होगी, सिस्टम अभिभावकों को अलर्ट मैसेज भेज देगा। इसके साथ ही, संबंधित सरकारी विभाग (जैसे स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग) भी इस डेटा के जरिए बच्चों की स्थिति का लगातार फॉलोअप कर सकेंगे, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा या स्वास्थ्य लाभ से वंचित न रहे। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के सभी बच्चों की 'आभा' और 'अपार'  अनिवार्य रूप से बनाई जाए। 'आभा' आईडी में बच्चे का पूरा मेडिकल इतिहास होगा, जबकि 'अपार' आईडी में उसका पूरा शैक्षणिक सफर दर्ज रहेगा। इन दोनों को सिंगल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। मुख्य सचिव ने इस महत्वाकांक्षी सिंगल प्लेटफॉर्म को तकनीकी रूप से मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए एनआईसी और आईटीडीए के साथ मिलकर तत्काल विचार-मंथन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस कार्य की प्रगति की समीक्षा के लिए जल्द ही एक और अनुवर्ती बैठक बुलाने की बात कही है। बैठक में सचिव रविनाथ रामन, विनय शंकर पाण्डेय, सी. रविशंकर और अपर सचिव रीना जोशी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस योजना के धरातल पर उतरने के बाद उत्तराखंड बच्चों के डिजिटल सशक्तिकरण के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो जाएगा।