लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में फरार चल रही मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गई। लखनऊ पुलिस और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नागपुर पुलिस की मदद से 20 अक्टूबर को श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर उर्फ दानिश को गिरफ्तार कर लिया। तीनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। करीब 11 दिन तक अलग-अलग जगहों पर तलाश के बाद हुई इस गिरफ्तारी को मामले की जांच में बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब तीनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद लखनऊ लाने की तैयारी कर रही है। शिवा शर्मा की मौत के बाद से ही श्रद्धा दुबे और उसके साथियों की तलाश की जा रही थी। शुरुआती जांच के दौरान श्रद्धा की गाड़ी बहराइच के रुपईडीहा क्षेत्र में लावारिस हालत में मिली थी। इसके बाद उसके नेपाल जाने और फिर आगरा पहुंचने की सूचनाएं सामने आईं। जांच के दौरान अलग-अलग स्थानों से सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। आखिरकार लखनऊ पुलिस और यूपी एसटीएफ ने नागपुर पुलिस के सहयोग से तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए तकनीकी सुरागों और अन्य जानकारियों का इस्तेमाल किया।
दरअसल, 9 अक्टूबर की रात लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बताया गया कि वह फ्लैट की चौथी मंजिल से नीचे गिरा था। इसके अगले दिन शिवा की मां रंजना शर्मा की शिकायत पर हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुकदमा संख्या 216/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज है। शिवा की मां ने श्रद्धा दुबे पर बेटे की हत्या का गंभीर आरोप लगाया था। उनका दावा था कि शिवा पिछले चार महीने से श्रद्धा के साथ लिव-इन संबंध में रह रहा था और घटना से पहले उसके साथ मारपीट की गई। शिकायत में श्रद्धा की बहन और अन्य लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। फरार रहने के दौरान श्रद्धा दुबे ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा था। उसने दावा किया था कि वह छिप नहीं रही है और पुलिस के सामने अपनी बात रखना चाहती है। उसने शिवा की मौत को हत्या के बजाय आत्महत्या बताया था और मामले में अपना नाम घसीटे जाने पर आपत्ति जताई थी। दूसरी ओर, पुलिस ने उसकी तलाश तेज करते हुए एसटीएफ को भी जांच में शामिल किया। मामले में आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने और जांच को लेकर उठे सवालों के बीच पुलिस विभाग में भी बदलाव किए गए थे। हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया, जबकि डीसीपी मध्य विक्रांत वीर और एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा के तबादले की जानकारी सामने आई थी। पुलिस श्रद्धा के फरार रहने के दौरान उसके संपर्कों और संभावित मददगारों के बारे में भी जानकारी जुटा रही थी। अब तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच में नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है। पुलिस के सामने शिवा शर्मा की मौत की परिस्थितियों का पता लगाने, उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करने और आरोपों की पुष्टि करने की चुनौती है।
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