Oct 20, 2026
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उत्तराखंड के युवा भरेंगे स्वरोजगार की नई उड़ान: लाइसेंस मिलते ही पर्यटकों को कराएंगे पैराग्लाइडिंग,141 युवाओं को मिला प्रशिक्षण

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देहरादून। उत्तराखंड के मनमोहक पहाड़ अब केवल पर्यटकों की पसंदीदा सैरगाह ही नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए स्वरोजगार की एक नई और बुलंद उड़ान का माध्यम बनने जा रहे हैं। प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म (साहसिक पर्यटन) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने कमर कस ली है। यूटीडीबी द्वारा चलाए जा रहे विशेष पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए अब तक 141 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है और उन्हें व्यावसायिक गतिविधियों के लिए पूरी तरह तैयार किया जा रहा है।

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। इसी दिशा में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) युवाओं को पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण देकर व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने में जुटी है। परिषद अब तक 141 युवाओं को पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण दे चुकी है। अब इन युवाओं को व्यावहारिक अनुभव देकर पर्यटकों को पैराग्लाइडिंग कराने के लिए तैयार किया जा रहा है। निर्धारित मानक पूरे करने और लाइसेंस मिलने के बाद युवा चयनित स्थलों पर पर्यटकों को उड़ान का रोमांचक अनुभव करा सकेंगे। पौड़ी जिले के बिलखेत में इन दिनों पैराग्लाइडिंग का उड़ान अभ्यास चल रहा है। इसमें 17 युवा हिस्सा ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में उड़ान भरने, तकनीकी बारीकियां समझने और पैराग्लाइडिंग संचालन का व्यावहारिक अनुभव दिया जा रहा है। इस अभ्यास का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को टेंडम फ्लाइंग के लिए तैयार करना है। टेंडम फ्लाइंग में प्रशिक्षित पायलट अपने साथ दूसरे व्यक्ति यानी पर्यटक को लेकर उड़ान भरता है। इसके लिए केवल सामान्य प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है, बल्कि उड़ान का पर्याप्त अनुभव और निर्धारित तकनीकी मानकों को पूरा करना भी जरूरी है। यूटीडीबी की प्रशिक्षण प्रक्रिया के तहत युवाओं को 100 घंटे की उड़ान पूरी करनी होगी। इसके बाद उन्हें 35 किलोमीटर की क्रॉस-कंट्री उड़ान भी पूरी करनी होगी। इन मानकों के माध्यम से उनकी तकनीकी दक्षता, उड़ान संबंधी अनुभव और व्यावसायिक संचालन की क्षमता को मजबूत किया जाएगा। निर्धारित प्रशिक्षण और उड़ान संबंधी सभी अर्हताएं पूरी करने वाले युवाओं को व्यावसायिक टेंडम पायलट लाइसेंस दिया जाएगा। इसके बाद वे तकनीकी समिति की ओर से चयनित स्थलों पर पर्यटकों को पैराग्लाइडिंग करा सकेंगे। इससे स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में रहकर रोजगार अर्जित करने का अवसर मिल सकता है। पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण का दायरा बढ़ाने के लिए यूटीडीबी अगले माह चंपावत में भी उड़ान अभ्यास शिविर आयोजित करेगा। इसका उद्देश्य अधिक युवाओं को साहसिक पर्यटन से जोड़ना और उन्हें व्यावसायिक उड़ान के लिए जरूरी अनुभव उपलब्ध कराना है। पर्यटन विभाग की इस पहल से पर्वतीय क्षेत्रों में उपलब्ध साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पैराग्लाइडिंग जैसे आकर्षण पर्यटकों को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करने में भी सहायक हो सकते हैं। पर्यटन सचिव एवं यूटीडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीराज गर्ब्याल के अनुसार, उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पैराग्लाइडिंग की व्यापक संभावनाएं हैं। इस पहल के माध्यम से युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि साहसिक पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं को काम मिलने के साथ होटल, परिवहन और अन्य स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिल सकता है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता को साहसिक पर्यटन से जोड़कर युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलने की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को लाइसेंस मिलने, चयनित स्थलों पर संचालन की व्यवस्था और पर्यटकों की मांग पर निर्भर करेगा।